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कच्ची शराब से बेटों को खो चुकी मां की चीख बनी आंदोलन की आवाज़—रूद्रपुर में ‘अगेंस्ट ड्रग्स’ की हुंकार, भूरारानी में नशा विरोधी टीम गठित

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कच्ची शराब से बेटों को खो चुकी मां की चीख बनी आंदोलन की आवाज़—रूद्रपुर में ‘अगेंस्ट ड्रग्स’ की हुंकार, भूरारानी में नशा विरोधी टीम गठित

(ख़बरीलाल ख़ोज  )मनीश बावा,रूद्रपुर: कच्ची शराब से बिखरते परिवारों की दर्दनाक कहानियों ने सोमवार को भूरारानी वार्ड-32 को झकझोर कर रख दिया, जब “रूद्रपुर अगेंस्ट ड्रग्स” की मुहिम वार्ड के मंदिर प्रांगण में जोरदार ढंग से गूंजी। कार्यक्रम संयोजक व पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्षा नेहा सामंत, वरिष्ठ समाजसेवी ओंकार ढिल्लों के संचालन तथा संजय साहनी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नशे के खिलाफ व्यापक रणनीति पर चर्चा हुई।

सभा में संजय साहनी ने खुलासा किया कि “क्षेत्र में गिनती के कुछ लोग अवैध कच्ची शराब का गंदा धंधा कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि पूर्व में जनता ने चंदा कर सीसीटीवी कैमरा तक लगवाया था, जिसका ऐक्सेस पुलिस को दिया गया था, लेकिन कैमरा महीनों से बंद है। उन्होंने मांग उठाई कि कैमरा पुनः संचालित कर सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मॉनिटरिंग की जाए, ताकि इस अवैध कारोबार की जड़ों पर चोट की जा सके।

तीन बेटों को कच्ची शराब ने छीना—वृद्धा ललिता साहनी की दर्दभरी दहाड़

सभा का सबसे मार्मिक क्षण वह था, जब वृद्धा ललिता साहनी ने कांपती आवाज़ में बताया कि कच्ची शराब ने उनके घर का सब कुछ निगल लिया।
“मेरे तीन-तीन जवान बेटे कच्ची शराब की वजह से चले गए… आज मैं और मेरी बहू दिहाड़ी कर बच्चों का पेट भर रहे हैं। अब किसी और माँ का लाल न जाए, इसलिए इस आंदोलन में मैं सबसे आगे रहूंगी।”

उनका दर्द पूरे वार्ड को हिला गया और नशा विरोधी अभियान को नई ऊर्जा मिली।

कच्ची शराब परिवार ही नहीं, समाज को तबाह करती है”—सुशील गाबा

रूद्रपुर अगेंस्ट ड्रग्स के अध्यक्ष सुशील गाबा ने कहा कि कच्ची व मिलावटी शराब आज समाज के लिए गंभीर संकट बन चुकी है।
उन्होंने कहा—
“जब कोई युवा कच्ची शराब का शिकार होता है, तो केवल एक व्यक्ति नहीं मरता… पूरा परिवार जिंदगीभर का दर्द झेलता है। कमाने वाला चला जाए तो घर की आर्थिक रीढ़ टूट जाती है, मां-बाप की उम्मीदें चकनाचूर हो जाती हैं।”

अच्छाई ज्यादा है, बस संगठित नहीं”—जगदीश तनेजा

संयोजक जगदीश तनेजा ने कहा कि समाज में अच्छाई की संख्या हमेशा ज्यादा होती है, लेकिन वह संगठित नहीं।
“बुराई फैलाने वाले कम हैं, लेकिन एकजुट होकर काम करते हैं। यदि अच्छे लोग एक हो जाएँ, तो बुराई खुद रास्ता बदल देगी।”

भूरारानी दुर्गा कॉलोनी में नशा विरोधी टीम का गठन

सभा के बीच ही भूरारानी दुर्गा कॉलोनी नशा विरोधी टीम का गठन कर दिया गया। टीम क्षेत्र में नियमित बैठकें, जनजागरण और अभियान चलाएगी। यह पहली बार है जब वार्ड स्तर पर लोगों ने स्वयं आगे आकर संगठित रूप से कच्ची शराब के खिलाफ लड़ाई छेड़ी है।

बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा अभियान से जुड़े

इस दौरान गिरधर कुमार, संजय साहनी, राजू, गुरुदेव, लालू, संजीत, शंकर साहनी, परविंदर, अनमोल पासवान, अंजलि, नन्दिनी, ईमरती देवी, सतिया देवी, रेखा देवी, करन सिंह, हर्षिता, प्रीति समेत बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवा शक्ति मौजूद रही।

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