
सिरौली कला में अवैध निर्माण पर ताबड़तोड़ कार्रवाई: 12 भवन ढहे, 3–4 एकड़ की कॉलोनी ध्वस्त; निर्माणाधीन भवन भी जमींदोज़
400 परिवारों के निर्माण की शुरू हुई जांच, स्कूल–दुकान–बारातघर तक सील
किच्छा: जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, ऊधमसिंह नगर ने शुक्रवार को सिरौली कला क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापक अभियान चलाया। उपाध्यक्ष श्री जय किशन के नेतृत्व में प्राधिकरण, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग और खाद्य पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने इलाके में 12 अवैध भवनों को ध्वस्त किया।
टीम ने 3–4 एकड़ में फैली अवैध कॉलोनी, जिस पर पहले ही ध्वस्तीकरण आदेश पारित था, को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। साथ ही अनाधिकृत रूप से चल रहे विद्यालय, दुकानें और बारातघर को भी सील किया गया।
इसी कार्रवाई के दौरान एक निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया गया, जिसे बिना स्वीकृत नक्शे और नियमों के विपरीत बनाए जाने की पुष्टि होने पर तुरंत ढहा दिया गया। पूरे अभियान में किसी भी अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में स्टांप खरीदकर घर बना चुके लगभग 400 परिवारों की जांच शुरू की गई है। इस जांच में यह परखा जाएगा कि निर्माण किन नियमों के तहत हुए हैं और क्या स्वीकृत मानचित्र लिया गया था। नियमविरुद्ध पाए जाने पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
स्थानीय लोगों में प्रशासन की इस व्यापक कार्रवाई को लेकर चर्चा गर्म है। जहां कई लोगों ने इसे अनियोजित विकास और अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने हेतु आवश्यक कदम बताया, वहीं कुछ परिवार अपने मकानों की जांच को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
जनता से प्राधिकरण की अपील
प्राधिकरण ने आमजन को सचेत करते हुए कहा है—
भूखण्ड केवल महायोजना के स्वीकृत आवासीय क्षेत्र में ही खरीदें।
कृषि, औद्योगिक व ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में आवासीय निर्माण हेतु भूखण्ड न खरीदें।
भूखण्ड खरीदने से पहले महायोजना में भू-उपयोग की स्थिति अवश्य जांचें।
किसी भी कॉलोनी में प्लॉट केवल स्वीकृत मानचित्र और स्वीकृत कॉलोनी में ही लें।
डवलपर से स्वीकृत मानचित्र लेकर उसे रजिस्ट्री का हिस्सा बनाएं।
निबंधकों को निर्देशित किया गया है कि बिना रेरा शपथ पत्र के अवैध कॉलोनी के पंजीकरण न करें।



