रुद्रपुर में बिजली चोरी पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई,201 स्थानों पर सघन जांच, 41 पर एफआईआर दर्ज
खबरीलाल खोज ( मनीष बावा ) रुद्रपुर : रुद्रपुर शहर में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे सख़्त और संगठित कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। विजिलेंस विभाग और उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की संयुक्त टीम ने खेड़ा, दरियानगर और ट्रांजिट कैंप क्षेत्रों में एक साथ दबिश देकर बिजली चोरी के मामलों पर निर्णायक प्रहार किया।
संयुक्त अभियान के तहत कुल 201 स्थानों पर सघन और बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान मीटर बायपास, अवैध कनेक्शन, सीधे लाइन से बिजली चोरी और जानबूझकर राजस्व क्षति पहुंचाने के कई गंभीर मामले सामने आए। बिजली चोरी के 41 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि अन्य संदिग्ध उपभोक्ताओं के विरुद्ध जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
यह अभियान अधिशासी अभियंता (ईई) श्री राजीव चक्रवर्ती के नेतृत्व में चलाया गया। टीम में एसडीओ अनु अरोड़ा, एसडीओ अंशुल मदान, जेई उमेश राणा, पारु चौधरी एवं कुलदीप शामिल रहे। विजिलेंस विभाग की ओर से सहायक अभियंता अमित आर्य तथा इंस्पेक्टर संजीव त्यागी और मरुत शाह ने कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई।
अधिकारियों ने बताया कि बिजली चोरी से न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता है, बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त भार पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख़्त कदम उठाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे और बिजली चोरी में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस व्यापक कार्रवाई के बाद संबंधित क्षेत्रों में हड़कंप की स्थिति रही और आम जनता में भी जागरूकता का संदेश गया कि बिजली चोरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी




