धामी सरकार का 1.11 लाख करोड़ का बजट पेश — शिक्षा, सड़क, पेयजल और ग्रामीण विकास पर बड़ा फोकस, आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ी
देहरादून: पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने सोमवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026–27 के लिए 1 लाख 11 हजार 703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट पिछले साल की तुलना में लगभग 11.41 प्रतिशत अधिक है।
ग्रीष्मकालीन राजधानी Gairsain के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में मुख्यमंत्री धामी ने वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला पूर्ण बजट प्रस्तुत किया। पूर्व वित्त मंत्री Premchand Aggarwal के इस्तीफे के बाद वित्त विभाग की जिम्मेदारी स्वयं मुख्यमंत्री संभाल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद राज्य ने पिछले 25 वर्षों में मातृ शक्ति, किसान और युवाओं की सहभागिता से विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित किए हैं।
आंदोलनकारियों को राहत
राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकार ने पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
जेल गए या घायल आंदोलनकारियों की पेंशन 6000 से बढ़ाकर 7000 रुपये प्रतिमाह।
अन्य पात्र आंदोलनकारियों की पेंशन 4500 से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव।
विभागवार बजट प्रावधान
सरकार ने विभिन्न विभागों के लिए बजट में निम्न प्रावधान किए हैं—
माध्यमिक शिक्षा विभाग – 542.84 करोड़
उच्च शिक्षा विभाग – 146.30 करोड़
तकनीकी शिक्षा विभाग – 98.50 करोड़
खेल विभाग – 69.94 करोड़
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण – 195.46 करोड़
पेयजल विभाग – 1827.91 करोड़
आवास विभाग – 291 करोड़
शहरी विकास विभाग – 1401.85 करोड़
ग्रामीण विकास विभाग – 1642.20 करोड़
ऊर्जा विभाग – 1609.43 करोड़
लोक निर्माण विभाग (PWD) – 2501.91 करोड़
सरकार ने बजट में सड़क, पेयजल, ऊर्जा और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर दिया है। माना जा रहा है कि यह बजट बुनियादी ढांचे और जनकल्याण योजनाओं को मजबूत करने पर केंद्रि




