रुद्रपुर में नकली किताबों का बड़ा खेल बेनकाब, ट्रक और गोदाम से नामी प्रकाशकों व एनसीईआरटी की संदिग्ध किताबों का जखीरा बरामद

ख़बरीलाल खोज (मनीश बावा ) रुद्रपुर। रुद्रपुर में नामी प्रकाशकों और एनसीईआरटी की किताबों की चोरी से छपाई कर बाजार में खपाने के बड़े खेल का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने ट्रक और एक गोदाम से भारी मात्रा में संदिग्ध/नकली किताबें बरामद की हैं। इस कार्रवाई के बाद स्कूल बुक सेलरों और स्कूल संचालकों में खलबली मच गई है, जबकि शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली रुद्रपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रक में संदिग्ध एनसीईआरटी किताबें लोड कर ले जाई जा रही हैं। सूचना पर पुलिस ने किरतपुर रोड के पास ट्रक को रोककर चेकिंग की तो उसमें बड़ी संख्या में किताबें मिलीं। चालक से पूछताछ में पता चला कि किताबें किरतपुर स्थित एक गोदाम से लोड कर मेरठ ले जाई जा रही थीं। कागजातों की जांच में इनवॉइस में भी भिन्नता पाई गई।
मामले की सूचना शिक्षा विभाग को दी गई, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किताबों की जांच की। जांच में किताबों के लोगो, बनावट और वाटरमार्क के आधार पर प्रथम दृष्टया किताबें संदिग्ध और नकली प्रतीत हुईं।
इसके बाद पुलिस टीम चालक की निशानदेही पर ग्राम किरतपुर स्थित गोदाम पहुंची, जहां छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में किताबें बरामद की गईं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ये किताबें नामी प्रकाशनों की किताबों की कॉपी कर छापी गई थीं और जिले में सप्लाई की जा रही थीं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बरामद किताबों के पन्नों की गुणवत्ता भी खराब पाई गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित विक्रेता एससीईआरटी की अधिकृत फर्म नहीं है और किताबों को रखने के लिए भी कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
सूत्रों के अनुसार लंबे समय से असली प्रकाशनों की किताबों की हूबहू नकल तैयार कर उन्हें कम कीमत पर बाजार में बेचा जा रहा था, जिससे मूल प्रकाशकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामले की सूचना एससीईआरटी अधिकारियों को दे दी गई है और जांच के लिए टीम भेजी जाएगी। पुलिस भी संबंधित प्रकाशकों से संपर्क कर रही है। पूरे प्रकरण की जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



