किच्छा रोड चंद्रदेव मंदिर मामला: न्यायालय के सम्मन के बीच विधायक की प्रेस वार्ता, उसी समय शिलापट निर्माण शुरू,सत्ता की हनक या न्यायालय की अवहेलना

रुद्रपुर: किच्छा रोड स्थित चंद्रदेव मंदिर प्रकरण में न्यायालय द्वारा विधायक समेत नौ लोगों को सम्मन जारी किए जाने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर जहां विधायक द्वारा प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा गया, वहीं ठीक उसी दौरान मंदिर परिसर में ठेकेदार द्वारा शिलापट निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया।
शिकायत कर्ता का आरोप है कि प्रेस वार्ता के माध्यम से मीडिया को गुमराह करने की कोशिश की गई, जबकि ज़मीनी हकीकत कुछ और ही थी। जैसे ही इस निर्माण कार्य की जानकारी न्यायालय की शरण में पहुंचे के.पी. गंगवार को मिली, उन्होंने तत्काल पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन को सूचित किया।
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को फटकार भी लगाई और स्पष्ट किया कि न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का निर्माण या हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि—
क्या विधायक सत्ता की हनक में न्यायालय के आदेशों को दरकिनार करने की कोशिश कर रहे हैं..?
या फिर प्रेस वार्ता के जरिए मीडिया को भ्रमित करने की रणनीति अपनाई गई…?
न्यायालय के सम्मन के बावजूद निर्माण कार्य कैसे शुरू हुआ और किसके निर्देश पर….?
फिलहाल, प्रशासन की तत्परता से निर्माण कार्य रुक तो गया है, लेकिन यह मामला अब न्यायालय की गरिमा, प्रशासनिक निष्पक्षता और सत्ता के दुरुपयोग जैसे गंभीर सवालों को जन्म दे रहा है।



