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उत्तरायणी महोत्सव बना सेवा और संवेदना का मंच ,रूद्रपुर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 500 से अधिक लोगों को मिला लाभ

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उत्तरायणी महोत्सव बना सेवा और संवेदना का मंच ,रूद्रपुर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 500 से अधिक लोगों को मिला लाभ

रूद्रपुर।
उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना का प्रतीक उत्तरायणी पर्व इस वर्ष रूद्रपुर में केवल सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त मंच बनकर उभरा। शैल सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में गंगापुर रोड स्थित शैल भवन में आयोजित दो दिवसीय उत्तरायणी महोत्सव में चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं वसुंधरा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज ने निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साकार किया।

महोत्सव के दौरान चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज द्वारा दो दिवसीय विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 500 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया। शिविर में ब्लड प्रेशर, शुगर, खून की जांच, सामान्य व गंभीर रोगों की जांच के साथ-साथ फिजियोथैरेपी की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।

कॉलेज के प्रबंध निदेशक डॉ. के.सी. चंदौला के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर की ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोगों ने सराहना की। वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि ऐसे शिविर समय पर बीमारी की पहचान और उचित परामर्श का माध्यम बनते हैं।

महोत्सव के दौरान चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की ओर से आयोजन समिति को ₹51,000 का आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया। आयोजकों ने इसे संस्थान की सामाजिक संवेदनशीलता का परिचायक बताया।

समापन अवसर पर शैल सांस्कृतिक समिति द्वारा डॉ. के.सी. चंदौला को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. चंदौला ने कहा कि उत्तरायणी पर्व सेवा भाव को जीवन का अंग बनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, “नर सेवा ही नारायण सेवा है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना ही हमारा उद्देश्य है।”

स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय विश्वकर्मा सहित चिकित्सकों और स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने कहा कि जब संस्कृति, सेवा और संवेदना एक साथ आगे बढ़ती हैं, तभी समाज सशक्त बनता है।

उत्तरायणी महोत्सव-2026 रूद्रपुर में लोकसंस्कृति के उत्सव के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों का प्रभावी मंच बनकर सामने आया।

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