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पहाड़ में नहीं चाहिए दागी खाकी — किसान आत्महत्या केस में चमोली में विरोध

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पहाड़ में नहीं चाहिए दागी खाकी — किसान आत्महत्या केस में चमोली में विरोध

चमोली: उधम सिंह नगर में स्व:सुखवंत किसान आत्महत्या प्रकरण को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश व्याप्त है। इसी कड़ी में जनपद चमोली के सामाजिक संगठनों एवं नागरिक मंच ने आरोपित पुलिसकर्मियों को चमोली व रुद्रप्रयाग जनपद में भेजे जाने का कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व उधम सिंह नगर में एक किसान ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले मृतक किसान ने एक वीडियो जारी कर पुलिस कर्मियों पर गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। वीडियो में किसान ने कई पुलिसकर्मियों के नाम लेते हुए उन्हें अपनी आत्महत्या का कारण बताया था। इस घटना के बाद प्रदेश में पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नागरिक मंच चमोली एवं डीवाईएफआई से जुड़े लोगों का कहना है कि सूचना मिली है कि उक्त प्रकरण से जुड़े लगभग 12 वांछित पुलिसकर्मियों को जनपद चमोली एवं सह-जनपद रुद्रप्रयाग में तैनात किए जाने की तैयारी की जा रही है, जो कि दोनों जनपदों की जनभावनाओं का खुला अपमान है।
नागरिक मंच ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों पर एक किसान को आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप हैं, उन्हें शांत पहाड़ी जनपदों में भेजना न केवल अनुचित है, बल्कि जनविश्वास को भी ठेस पहुंचाने वाला है। ऐसे आरोपित व विवादित पुलिसकर्मियों की नियुक्ति का जनपद चमोली एवं रुद्रप्रयाग का नागरिक समाज पुरजोर विरोध करता है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार एवं जिलाधिकारी चमोली को प्रार्थना पत्र भेजते हुए मांग की गई है कि ऐसे वांछित पुलिसकर्मियों को जनपद चमोली के अंतर्गत किसी भी दशा में ज्वाइनिंग न दी जाए तथा उन्हें जनपद की सीमा से बाहर ही रखा जाए।
नागरिक मंच ने चेतावनी दी है कि यदि जनभावनाओं की अनदेखी की गई तो भविष्य में आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।

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