आखिर कौन-सा है वह वीडियो…..?
काशीपुर में वीडियो को लेकर पत्रकार से पैसों की बातचीत, बैंक अधिकारी की भूमिका पर सवाल
काशीपुर: काशीपुर में सामने आए कथित ऑडियो और पत्रकार पर दर्ज मुकदमे के बाद अब पूरा मामला और भी गंभीर होता नजर आ रहा है। इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर वह वीडियो कौन-सा है, जिसे लेकर एक बैंक अधिकारी द्वारा पत्रकार से पैसों को लेकर बातचीत की जा रही थी।
मामला काशीपुर स्थित एक बैंक से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां की कार्यप्रणाली, लेन-देन अथवा आंतरिक गतिविधियों से संबंधित एक वीडियो सामने आने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि इसी वीडियो के सार्वजनिक होने की आशंका के चलते बैंक अधिकारी ने पत्रकार से संपर्क किया।
कथित ऑडियो में बैंक अधिकारी स्वयं पहल करते हुए पत्रकार से “मामला निपटाने” की बात करती सुनाई दे रही हैं और इसके बदले पैसों की पेशकश भी करती नजर आती हैं। ऑडियो में कहीं भी यह स्पष्ट नहीं होता कि पत्रकार द्वारा किसी प्रकार की धनराशि की मांग की गई हो।
इस घटनाक्रम के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं—
यदि वीडियो फर्जी या भ्रामक था, तो बैंक प्रबंधन ने उसकी वैधानिक जांच क्यों नहीं कराई?
यदि वीडियो में सच्चाई थी, तो उसे दबाने की कोशिश क्यों की गई….?
और जब पैसों की पेशकश खुद बैंक अधिकारी की ओर से हुई, तो पत्रकार के खिलाफ मुकदमा किस आधार पर दर्ज किया गया?
सामाजिक लोगों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक पत्रकार को निशाना बनाने का नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता पर दबाव बनाने का प्रतीक बनता जा रहा है। आरोप है कि पहले समझौते का प्रयास किया गया और जब बात नहीं बनी, तो कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया गया।
फिलहाल न तो संबंधित बैंक प्रबंधन और न ही प्रशासन की ओर से उस वीडियो को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है
अब पूरे काशीपुर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रहे पत्रकार को फंसाया जा रहा है, या फिर वास्तव में कोई अपराध हुआ है। जनता और पत्रकार संगठनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।




