रुद्रपुर(खबरीलाल खोज):उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अनाथ बच्चों के लिए प्रदान किए गए क्षैतिज आरक्षण के अंतर्गत जनपद की प्रथम बालिका बन्नाखेड़ा, बाजपुर निवासी विशाखा दिवाकर का वन दरोगा पद पर चयन होने पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कैम्प कार्यालय में उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के बच्चे अनेक कठिनाइयों से गुजरते हुए परिश्रम और लगन के बल पर सफलता प्राप्त करते हैं, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि विशाखा दिवाकर अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा हैं और उनसे सीख लेकर सभी को अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास करना चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि ईमानदारी और मेहनत से कोई भी व्यक्ति किसी भी मुकाम तक पहुँच सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा असहाय एवं अनाथ बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में जनपद में बच्चों की पढ़ाई हेतु कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी की स्थापना की जा रही है।
उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।
वहीं विशाखा दिवाकर ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद उन्होंने अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए अपनी शिक्षा पूरी की और निरंतर परिश्रम करती रहीं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता का सपना था कि वे अच्छी पढ़ाई कर राजकीय सेवा में जाएं, जो आज पूरा हुआ है।
विशाखा ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा दिए गए क्षैतिज आरक्षण के कारण उनका चयन वन दरोगा पद पर हुआ है। इसके लिए उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन, विशाखा के चाचा चन्द्रपाल दिवाकर, चाची कुसुम सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।




