पंतनगर में उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय खेल महोत्सव का शुभारंभ, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया उद्घाटन

ख़बरीलाल खोज (मनीश बावा)पंतनगर। गुरमीत सिंह ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय खेल एवं क्रीड़ा महोत्सव का दीप एवं मशाल प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने 800 मीटर पुरुष एवं महिला वर्ग के विजेताओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
पुरुष वर्ग 800 मीटर दौड़ में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के अंकित नाथ प्रथम, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के आसिफ द्वितीय तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के ललित सिंह तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महिला वर्ग में कुमाऊं विश्वविद्यालय की नीतू ने प्रथम, संस्कृति विश्वविद्यालय की चांदनी ने द्वितीय तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की शीतल भट्ट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाशक्ति, अनुशासन, संकल्प और राष्ट्रभावना का उत्सव है। उन्होंने उत्तराखंड को आस्था, तप और पराक्रम की भूमि बताते हुए कहा कि आज यह युवाशक्ति की भूमि के रूप में नई पहचान बना रहा है। हिमालय की ऊँचाइयाँ युवाओं को ऊँचे लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा देती हैं।
राज्यपाल ने “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त साधन हैं। मैदान में विकसित अनुशासन, समर्पण और टीम भावना जीवन में नेतृत्व क्षमता को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का समग्र विकास करना है। नई शिक्षा नीति 2020 में खेल एवं सह-पाठ्य गतिविधियों को मुख्यधारा में स्थान दिया गया है।
उन्होंने “फिट युवा, सशक्त भारत” के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देते हैं और नशे जैसी प्रवृत्तियों से दूर रखते हैं। महिला खिलाड़ियों की बड़ी भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला है।
राज्यपाल ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालय स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों, यहां तक कि ओलंपिक जैसे वैश्विक आयोजनों को लक्ष्य बनाएं और उत्तराखंड की धरती से ऐसे खिलाड़ी निकलें जो विश्व पटल पर भारत का तिरंगा ऊंचा करें। उन्होंने कहा कि जीत और हार जीवन का हिस्सा हैं, सच्ची विजय प्रयास और समर्पण में निहित है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए बताया कि प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 विश्वविद्यालयों के लगभग 722 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना और अनुशासन के साथ प्रतिस्पर्धा करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी, डीन, डायरेक्टर, कोच, निर्णायक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। चार दिवसीय यह महोत्सव खेल प्रतिभाओं को निखारने और राज्य में खेल संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा



