टाइटन की साइकिल रैली ने जगाई हरित सोच,कम ईंधन, स्वच्छ पर्यावरण का दिया संदेश
खबरीलाल खोज ( मनीश बावा ) पंतनगर। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन बाजार में बढ़ती अस्थिरता के बीच टाइटन कंपनी लिमिटेड के पंतनगर ज्वेलरी प्लांट ने ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है। कंपनी के ‘पावर प्ले’ इनिशिएटिव के तहत उत्पादन बढ़ाने के साथ ऊर्जा दक्षता में सुधार, डीजल की खपत कम करने और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मई से सितंबर 2026 के बीच पंतनगर प्लांट के उत्पादन में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि इसी अवधि में स्पेसिफिक एनर्जी परफॉर्मेंस में 10 प्रतिशत से अधिक सुधार दर्ज किया गया। ऊर्जा खपत का स्तर 4.42 से घटकर 3.94 किलोवाट-घंटा प्रति ग्राम रह गया।
डीजी डीजल की खपत आधी, सालाना 16.2 किलोलीटर की बचत
प्लांट में सौर ऊर्जा को जनरेटर संचालन के साथ एकीकृत कर डीजी सेट पर निर्भरता कम की गई। इससे डीजल की खपत में करीब 50 प्रतिशत की कमी आई और सालाना लगभग 16.2 किलोलीटर डीजल की बचत होने का अनुमान है।
कंपनी के अनुसार यह बचत लगभग 54 एसयूवी वाहनों के पंतनगर से बेंगलुरु तक आने-जाने में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के बराबर है।
11 एएचयू में ईसी फैन, सालाना 47,773 यूनिट बिजली की बचत
ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए प्लांट के 11 एयर हैंडलिंग यूनिट (AHU) को ईसी फैन से अपग्रेड किया गया। इससे सालाना करीब 47,773 यूनिट बिजली की बचत हो रही है, जो लगभग 44 परिवारों की सालभर की बिजली खपत के बराबर बताई गई है।
रात्रि पाली में 200 केवीए डीजी सेट के बेहतर संचालन से भी सालाना लगभग 6,500 लीटर डीजल की अतिरिक्त बचत की जा रही है।
कर्मचारियों को भी बनाया ऊर्जा संरक्षण अभियान का हिस्सा
टाइटन ने ऊर्जा संरक्षण को केवल प्लांट तक सीमित न रखते हुए कर्मचारियों को भी अभियान से जोड़ा है। नो-व्हीकल डे और कर्मचारी मोबिलिटी पहल के माध्यम से पारंपरिक वाहनों की करीब 5,459 किलोमीटर की यात्रा को बचाया गया।
वर्ल्ड साइकिल डे पर प्लांट के 60 कर्मचारियों ने साइकिल से काम पर पहुंचकर स्वस्थ, किफायती और शून्य-उत्सर्जन परिवहन को बढ़ावा दिया। इसके अलावा दो ईवी साइकिल शुरू की गई हैं, जिनसे सालाना 5,000 किलोमीटर से अधिक पारंपरिक यात्रा को प्रतिस्थापित किए जाने की संभावना है।
समुदाय में भी हरित पहल
टाइटन के पावर प्ले अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण को समुदाय तक पहुंचाने के लिए जीजीआईसी रुद्रपुर में पौधरोपण और पौधा वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान 1,000 पौधे वितरित और 100 पेड़ लगाए गए।
टाइटन के इस प्रयास का उद्देश्य यह संदेश देना है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान केवल बड़े स्तर की नीतियों से नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार और व्यावहारिक कदमों से भी संभव है। प्लांट से शुरू हुई ऊर्जा बचत की पहल कर्मचारियों, उनके परिवारों और समुदाय तक पहुंचकर व्यापक पर्यावरणीय जिम्मेदारी का रूप ले रही है।



