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हल्द्वानी सुखवंत आत्महत्या कांड: धामी के आदेश, SSP की जांच—पुलिस खुद कटघरे में

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हल्द्वानी सुखवंत आत्महत्या कांड: धामी के आदेश, SSP की जांच—पुलिस खुद कटघरे में
रुद्रपुर/हल्द्वानी ( ख़बरीलाल ख़ोज) : काशीपुर निवासी किसान द्वारा हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र में आत्महत्या किए जाने के गंभीर मामले में जांच की प्रक्रिया और तेज हो गई है। एक ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रकरण को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर ऊधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने पुलिस स्तर पर भी उच्चस्तरीय जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में अब पुलिस महकमा भी जांच के दायरे में आ गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुमाऊँ आयुक्त श्री दीपक रावत द्वारा मामले की मजिस्ट्रेट जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इधर, एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने हल्द्वानी आत्महत्या प्रकरण की जांच बाजपुर क्षेत्राधिकारी (सीओ) को सौंप दी है। एसएसपी ने कहा कि सुखवंत द्वारा आत्महत्या से पूर्व सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जाएगी और पूरे मामले में पुलिस की भूमिका की भी पड़ताल होगी।
पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, सुखवंत ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया के माध्यम से कई लोगों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि जिन व्यक्तियों के नाम उसने लिए, उनके साथ उसका पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इस संबंध में दोनों पक्षों द्वारा पहले भी पुलिस को प्रार्थना पत्र दिए गए थे और दोनों को थाने बुलाकर मामला निस्तारित किया गया था।
पुलिस का यह भी कहना है कि सुखवंत आईटीआई थाना, ऊधमसिंहनगर का हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ पूर्व में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह पहले भी फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से आत्महत्या करने की धमकी देता रहा था। इसके बावजूद, आत्महत्या के बाद उठे सवालों को देखते हुए अब पूरे प्रकरण की दो स्तरों पर जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री द्वारा मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन और पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ से पूरे मामले की जानकारी लिए जाने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब मजिस्ट्रेट जांच और पुलिस जांच दोनों के निष्कर्षों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।


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