दाखिल-खारिज और प्रमाण पत्रों में मनमानी पर डीएम सख्त, अब मौके पर जाकर ही लगेगी रिपोर्ट
स्थलीय सत्यापन के बिना जाति, निवास, आय और EWS प्रमाण पत्र की रिपोर्ट नहीं; फोटो और डिजिटल प्रमाण भी होंगे जरूरी
रुद्रपुर: जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने राजस्व विभाग के लेखपालों और पटवारियों को दाखिल-खारिज तथा विभिन्न प्रमाण पत्रों की रिपोर्टिंग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना मौके पर जाकर स्थलीय सत्यापन किए किसी भी ऐसे प्रकरण में रिपोर्ट नहीं लगाई जाए, जहां भौतिक सत्यापन आवश्यक है।
डीएम ने कहा कि संज्ञान में आया है कि कुछ मामलों में लेखपाल और पटवारी दाखिल-खारिज के साथ ही जाति, स्थायी निवास, आय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्रों में अपेक्षित स्थलीय जांच के बिना ही रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं। इससे गलत दाखिल-खारिज होने के साथ भूमि विवाद और राजस्व संबंधी अनियमितताओं को बढ़ावा मिलने की आशंका है। वहीं, प्रमाण पत्रों में सत्यापन की कमी से अपात्र लोगों को लाभ मिलने और फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने की संभावना भी बनी रहती है।
उन्होंने निर्देश दिए कि दाखिल-खारिज समेत उन सभी मामलों में संबंधित लेखपाल/पटवारी अनिवार्य रूप से मौके पर जाकर आवेदक की वास्तविक स्थिति, निवास, आय, परिवार तथा अन्य आवश्यक तथ्यों का भौतिक सत्यापन करें। डीएम ने साफ किया कि स्थलीय सत्यापन को महज औपचारिकता नहीं बनाया जाएगा।
फोटो से लेकर GPS तक होगी निगरानी
जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण को डिजिटल रूप से सत्यापन योग्य बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मौके से लिए गए फोटोग्राफ संबंधित पत्रावली अथवा ऑनलाइन आवेदन से जोड़े जाएं। फोटो में यथासंभव स्थल की स्पष्ट पहचान के साथ तिथि और समय भी उपलब्ध रहे।
भविष्य में निरीक्षण की वास्तविकता सुनिश्चित करने के लिए GPS/Geo Coordinates अथवा अन्य तकनीकी माध्यमों से मौके के सत्यापन की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि संबंधित कर्मचारी वास्तव में मौके पर पहुंचा था या नहीं।
लापरवाही मिली तो कर्मचारी होगा जिम्मेदार
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थलीय सत्यापन की व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए और जहां मौके की जांच जरूरी है, वहां उसके बिना कोई रिपोर्ट प्रस्तुत न की जाए। व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए राजस्व अधिकारियों द्वारा समय-समय पर पर्यवेक्षण और आकस्मिक जांच भी कराई जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्थलीय सत्यापन में लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।


