कोख के सौदागरों की अब खैर नहीं, अवैध लिंग परीक्षण की सूचना पर 2 लाख का इनाम
पीसीपीएनडीटी सलाहकार समिति की बैठक में फैसला, अनुपयोगी अल्ट्रासाउंड मशीनों को डिस्मेंटल करने के लिए गठित होगी पांच सदस्यीय समिति
खबरीलाल खोज। रुद्रपुर । कन्या भ्रूण हत्या और अवैध लिंग परीक्षण पर अंकुश लगाने के लिए ऊधम सिंह नगर जिला प्रशासन ने सख्ती की तैयारी कर ली है। अवैध लिंग परीक्षण करने वाले केंद्रों की सटीक सूचना देने वाले मुखबिर को दो लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। वहीं, अवैध गतिविधियों में संलिप्त चिन्हित केंद्रों के खिलाफ जल्द ही कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की लगातार निगरानी और औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में बुधवार को विकास भवन में परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नए लाइसेंस और नवीनीकरण के आवेदनों की समीक्षा की गई।
14 आवेदनों को मिली संस्तुति
बैठक में पीसीपीएनडीटी लाइसेंस के कुल 16 आवेदन समिति के समक्ष रखे गए। इनमें 11 नए लाइसेंस और पांच नवीनीकरण के आवेदन शामिल थे। कानूनी पहलुओं और दस्तावेजों की जांच के बाद समिति ने पांच नवीनीकरण और नौ नए लाइसेंस आवेदनों को संस्तुति प्रदान की। इस प्रकार कुल 14 आवेदनों को मंजूरी की प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाया गया है। दो नए आवेदनों पर पहले स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। निरीक्षण के बाद ही जिलाधिकारी को अंतिम संस्तुति भेजी जाएगी।
अनुपयोगी मशीनें होंगी डिस्मेंटल
बैठक में अनुपयोगी अल्ट्रासाउंड मशीनों को डिस्मेंटल करने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। संबंधित मशीन को हटाने की कार्रवाई जिलाधिकारी की अनुमति और केंद्र संचालक से वैधानिक शपथ पत्र प्राप्त करने के बाद ही की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप संपन्न हो।
औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई के निर्देश
परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी ने अधिकारियों को जिले के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित और औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले केंद्रों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चिन्हित केंद्रों पर प्रशासन की नजर
बैठक में अवैध लिंग परीक्षण रोकने के लिए मुखबिर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया। प्रशासन के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों वाले कुछ केंद्रों को चिन्हित किया गया है। इनके विरुद्ध जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अवैध लिंग परीक्षण की सही और सटीक सूचना देने वाले मुखबिर को दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने का प्रावधान बताया गया।
बैठक में नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी डॉ. एसपी सिंह, एडिशनल सीएमओ डॉ. डीपी सिंह, डीजीसी बारीत सिंह, बिंदु वसानी, सीमा सिंह, प्रदीप महर, विजय कुमार और गोपाल आर्य सहित समिति के अन्य सदस्य एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



