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बिलिंग से इंसुलिन की डोज तक सवाल ही सवाल, सिद्धि विनायक अस्पताल की जांच की मांग

बिलिंग से इंसुलिन की डोज तक सवाल ही सवाल, सिद्धि विनायक अस्पताल की जांच की मांग

खबरीलाल खोज (मनीश बावा) रुद्रपुर। सिद्धि विनायक अस्पताल में मां के इलाज के दौरान बिलिंग और उपचार प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर नवनीत सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), ऊधम सिंह नगर से शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने ₹8 हजार के भुगतान पर पहले ₹5,900 का बिल दिए जाने, इंजेक्शन के शुल्क, बिल उपलब्ध कराने में देरी और इंसुलिन की निर्धारित मात्रा में बदलाव को लेकर जांच की मांग उठाई है।

नवनीत सिंह के अनुसार, उनकी मां बलविंदर कौर के उपचार के दौरान अस्पताल में ₹8,000 का भुगतान किया गया था। आरोप है कि पूरा बिल मांगने पर अस्पताल की ओर से पहले ₹5,900 का बिल दिया गया। शेष ₹2,100 के संबंध में सवाल उठाने के बाद ₹8,000 का नया बिल बनाया गया। शिकायतकर्ता ने यूरिन इन्फेक्शन की जांच का विवरण बिल में दर्ज नहीं होने की बात भी कही है। उन्होंने दोनों बिलों, भुगतान की रसीदों और जांच रिपोर्ट का मिलान कराने की मांग की है।

इंजेक्शन के शुल्क पर भी सवाल

शिकायत में एक इंजेक्शन के लिए ₹700 लिए जाने का आरोप लगाया गया है। नवनीत सिंह का कहना है कि उनकी जानकारी के अनुसार संबंधित इंजेक्शन बाजार में करीब ₹200 में उपलब्ध था। उन्होंने इंजेक्शन का नाम, अस्पताल की खरीद कीमत और मरीज से लिए गए शुल्क की जांच कराने का अनुरोध किया है।

25 दिन तक बिल नहीं देने का आरोप

शिकायतकर्ता के मुताबिक, अस्पताल से बिल मांगने के बावजूद करीब 25 दिनों तक उन्हें बिल उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके अलावा, दवाइयां वापस करने पहुंचने पर शुरुआत में उन्हें लौटाने से मना किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। नवनीत सिंह ने बिलिंग प्रक्रिया और दवाइयों की वापसी से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।

इंसुलिन की मात्रा घटाने पर उठाए सवाल

मामले में सबसे गंभीर शिकायत बलविंदर कौर की शुगर और Lantus इंसुलिन की निर्धारित मात्रा से संबंधित है। नवनीत सिंह का आरोप है कि शुगर बढ़ने के बावजूद इंसुलिन की डोज कम कर दी गई, जिसके बाद उनकी मां की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने शुगर रिपोर्ट, चिकित्सकीय पर्चे और उपचार रिकॉर्ड की विशेषज्ञ चिकित्सक से समीक्षा कराने का अनुरोध किया है। साथ ही, मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह के औचित्य की जांच की मांग भी की है।

CMO से कार्रवाई की मांग

नवनीत सिंह ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल के बिलिंग और उपचार संबंधी रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनुचित वसूली, बिलिंग संबंधी अनियमितता या चिकित्सकीय लापरवाही प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने जांच के निष्कर्ष और कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।

अस्पताल का पक्ष: इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन का जवाब और स्वास्थ्य विभाग की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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