35 लाख में खरीदी जमीन, नौ साल बाद भी कब्जा नहीं! बिल्डर प्रिया शर्मा और सुधीर चावला पर धोखाधड़ी का मुकदमा
रेरा के आदेश और अपील खारिज होने के बावजूद नहीं मिला भूखंड, दूसरे व्यक्ति को कब्जा देकर निर्माण कराने का आरोप
ख़बरीलाल खोज (मनीश बावा)रुद्रपुर। लाखों रुपये खर्च कर जमीन खरीदी, रजिस्ट्री कराई, लेकिन करीब नौ साल बीतने के बावजूद खरीदार को भूखंड पर कब्जा नहीं मिल सका। मामला रेरा प्राधिकरण से लेकर उच्चतम न्यायालय तक पहुंचने की बात सामने आई है। अब पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने बिल्डर प्रिया शर्मा और सुधीर चावला के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हल्द्वानी के गोविंदपुरा निवासी गुरमीत सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने सात अक्टूबर 2017 को ग्राम कोलड़ा में 9122.5 वर्ग फीट का भूखंड सुधीर चावला से 35 लाख 14 हजार रुपये में खरीदा था। जमीन की पूरी कीमत चेक और आरटीजीएस के माध्यम से अदा की गई थी। इसके बाद रुद्रपुर उपनिबंधक कार्यालय में विधिवत रजिस्ट्री भी कराई गई। इसके लिए 1.76 लाख रुपये स्टांप शुल्क और 25,200 रुपये पंजीकरण शुल्क जमा किया गया। आरोप है कि लाखों रुपये का भुगतान और रजिस्ट्री होने के बावजूद उन्हें आज तक भूखंड का कब्जा नहीं सौंपा गया।
रेरा ने दिया कब्जा सौंपने का आदेश, फिर भी भटकता रहा खरीदार
पीड़ित के मुताबिक, कब्जा नहीं मिलने पर उन्होंने रेरा प्राधिकरण का दरवाजा खटखटाया। छह जुलाई 2023 को प्राधिकरण ने सुधीर चावला और प्रिया शर्मा को भूखंड का कब्जा सौंपने के निर्देश दिए। इस आदेश के खिलाफ दायर अपील भी 16 मार्च 2025 को निरस्त हो गई। इसके बाद कब्जा दिलाने के लिए दायर निष्पादन आवेदन पर 26 फरवरी 2026 को आदेश पारित हुआ। इसके बावजूद शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें जमीन का कब्जा नहीं मिल सका।
विवादित जमीन पर दूसरे को कब्जा देने का आरोप
मामले में गंभीर आरोप यह भी है कि भूखंड को लेकर कानूनी विवाद की जानकारी होने के बावजूद उसके एक हिस्से पर दूसरे व्यक्ति और उसके परिवार को कब्जा दे दिया गया। इतना ही नहीं, वहां निर्माण कार्य भी करा दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जमीन खरीदने और कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद भी उन्हें अपने अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
दो बिल्डरों पर मुकदमा, पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने गुरमीत सिंह की तहरीर के आधार पर बिल्डर प्रिया शर्मा और सुधीर चावला के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब जमीन की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री, कब्जे और संबंधित न्यायिक आदेशों की जांच कर रही है।
क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर विभव सैनी ने बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है।


