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दिवाली मेले में भजन संध्या की धूम,भजन गायक रितेश मनोचा और अमन सांवरिया के भजनों पर झूमे लोग

दिवाली मेले में भजन संध्या की धूम,भजन गायक रितेश मनोचा और अमन सांवरिया के भजनों पर झूमे लोग

ख़बरीलाल खोज (मनीश बावा) रुद्रपुर। नगर निगम की ओर से श्रीराम पार्क में आयोजित स्वदेशी दिवाली मेले में भक्ति, संगीत और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मेले के चौथे दिन शुक्रवार को आयोजित भव्य भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायक रितेश मनोचा और अमन सांवरिया ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से ऐसा भक्तिमय वातावरण बनाया कि पूरा पंडाल जय श्रीराम और राधे-राधे के जयकारों से गूंज उठा। दोनों गायकों के भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। रामभक्ति, कृष्णभक्ति और शिवभक्ति से सराबोर भजनों के साथ धार्मिक एवं लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।

 

शुक्रवार शाम को भजन संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि बाबा विक्रमजीत सिंह लाल जी ने किया। इससे पूर्व मंच पर धार्मिक और लोक संस्कृति पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। इसके बाद भजन गायकों ने मंच संभालते ही अपनी मधुर आवाज और एक के बाद ऊर्जावान प्रस्तुतियों से माहौल को पूरी तरह भक्तिमय कर दिया। रितेश मनोचा और अमन सांवरिया ने एक के बाद एक लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

 

भजन संध्या में ‘जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे, दुनिया में फिर से हम भगवा लहराएंगे’ की प्रस्तुति पर पूरा पंडाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद ‘जय राधा माधव जय कुंज बिहारी’, ‘गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है’, ‘राधे-राधे रटो चले आएंगे बिहारी’, ‘हरि लगन मोहे ऐसी लागी हो गई मतवारी’ जैसे भजनों ने कृष्णभक्ति की छटा बिखेरी। वहीं ‘बम-बम लहरी’, ‘बम भोले-बम भोले बम-बम’, ‘मनमोहन तुम्हें रिझाऊं बसाकर नैनों में’ और ‘मैंने तेरे ही हाथों में बाबा श्याम ये जीवन डोरी सौंप दयी’ जैसी प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्ति में झूमने पर मजबूर कर दिया। हर भजन के साथ पंडाल में मौजूद लोगों का उत्साह बढ़ता गया और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

 

*धर्म और संस्कृति के संरक्षण में महापौर की पहल सराहनीयः बाबा विक्रमजीत सिंह*

 

मुख्य अतिथि बाबा विक्रमजीत सिंह लाल जी महाराज ने महापौर विकास शर्मा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वदेशी दिवाली मेले का आयोजन और इसमें प्रतिदिन हो रहे सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम दीपावली के उत्सव में चार चांद लगा रहे हैं। महापौर विकास शर्मा और उनकी पूरी टीम ने जिस सोच और समर्पण के साथ इस आयोजन को साकार किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि दीपावली जैसे पावन पर्व पर भजन संध्या का आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को अपनी धार्मिक जड़ों, आध्यात्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है।

 

उन्होंने कहा कि जब धर्म और संस्कृति को समाज के बीच प्रतिष्ठा मिलती है, तभी ऐसे सकारात्मक और भक्तिमय वातावरण का निर्माण होता है। नगर निगम की जिम्मेदारी केवल सड़कों का निर्माण, सफाई व्यवस्था और शहर का भौतिक विकास करना ही नहीं है, बल्कि समाज के भीतर संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना भी है। स्वदेशी मेले के माध्यम से नगर निगम इसी दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। महापौर जिस सोच और संकल्प के साथ रुद्रपुर को आगे ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, वह निश्चित रूप से शहर के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगा।

 

*स्वदेशी मेला विकसित रुद्रपुर की सोचः महापौर*

 

इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने सभी अतिथियों, कलाकारों और मेले में पहुंच रहे शहरवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी दिवाली मेला केवल एक आयोजन या मनोरंजन का मंच नहीं है, बल्कि इसके पीछे आत्मनिर्भर और विकसित रुद्रपुर की एक व्यापक सोच है। इस मेले के माध्यम से स्थानीय छोटे व्यापारियों, लघु उद्यमियों, कारीगरों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को अपनी वस्तुओं और उत्पादों को हजारों लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। दीपावली के इस पर्व पर उनकी दुकानें गुलजार हो रही हैं और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर मिल रहा है।

 

महापौर ने कहा कि किसी भी शहर का विकास केवल बड़ी-बड़ी सड़कों, भवनों और अन्य निर्माण कार्यों से पूरा नहीं होता। शहर की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक समरसता और स्थानीय लोगों की खुशहाली से भी बनती है। इसी भावना के साथ स्वदेशी मेले की परिकल्पना की गई है। एक ओर जहां स्थानीय व्यापारियों को व्यापार का बेहतर मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक, सांस्कृतिक और लोक कलाओं को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े तथा त्योहारों का वास्तविक आनंद सामूहिक रूप से उठा सके।

 

उन्होंने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश, निराशा पर आशा और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भगवान श्रीराम के आदर्श हमें समाज में मर्यादा, सेवा, समर्पण और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। ऐसे में त्योहारों के अवसर पर भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन समाज को सकारात्मक ऊर्जा देने का काम करता है। स्वदेशी मेले में सभी वर्गों, आयु के लोगों और परिवारों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि शहरवासी इस पहल को पसंद कर रहे हैं।

 

महापौर ने कहा कि रुद्रपुर को विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करना है। नगर निगम का प्रयास है कि शहर में स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं, सौंदर्यीकरण और जनकल्याण के कार्यों के साथ ऐसे आयोजन भी निरंतर होते रहें, जो लोगों को आपस में जोड़ें। उन्होंने कहा कि शहर के विकास की यात्रा में व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी बेहद जरूरी है। स्वदेशी दिवाली मेला इसी सामूहिक सहभागिता का उदाहरण है। उन्होंने सभी शहरवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहित करने की अपील भी की।

 

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि बाबा विक्रमजीत सिंह लाल जी महाराज सहित अन्य अतिथियों एवं विशिष्टजनों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं भजन संध्या में शानदार प्रस्तुतियां देने वाले कलाकारों का भी नगर निगम की ओर से सम्मान किया गया। इस दौरान समाजसेवी गौरव जुयाल का जन्मदिन भी उत्साहपूर्वक मनाया गया। मंच पर केक काटकर उपस्थित अतिथियों और लोगों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

 

कार्यक्रम में दर्जा मंत्री रामपाल सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौहान, राजन राठौर, सुनील ठुकराल, गौरव जुयाल, पवन गावा, गौरव सक्सेना, अमित अरोरा बॉबी सहित अनेक गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

 

*आज कवि सम्मेलन रहेगा मेले का मुख्य आकर्षण*

 

स्वदेशी दिवाली मेले में शनिवार शाम आयोजित होने वाला कवि सम्मेलन मुख्य आकर्षण रहेगा। इसमें कवि भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, मर्यादा और रामभक्ति पर आधारित अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही डीजे बैंड की प्रस्तुति भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेगी। महापौर ने शहरवासियों से मेले में पहुंचकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने और स्वदेशी उत्पादों की खरीददारी करने की अपील की है।

 

इस अवसर पर गायक शिवा शर्मा, अमन सावरिया, रितेश मनोचा, डॉक्टर प्रदीप अदलखा , श्री चांद किशन शर्मा, श्रीमती चंद्र कांता शर्मा, मुकेश शर्मा, भूमिका शर्मा, गीता शर्मा, ललित शर्मा, दर्जा राज्य मंत्री श्री रामपाल सिंह, अनिल चौहान, हरजी , लक्की खरबंदा, ग्राम प्रधान आशीष यादव विपिन सोलंकी जगदीश बठला राघव बठला संजीव शर्मा शालनी बोहरा, रेनू शर्मा गौरव जुयाल आशीष यादव गोविंद शर्मा रजत सिंह बिष्ट संत विक्रम जीत सिंह, सुनील ठुकराल राजन राठौर पवन गावा पल्ली पवन राणा बीनू संतोष गुप्ता विवेक रावत चिराग कालरा करुण गुप्ता हरजीत राठी आदि उपस्थित रहे

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