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रुद्रपुर में फीका पड़ा कांग्रेस का दम, शैलजा के सम्मेलन में स्थानीय नेताओं की उपेक्षा बनी चर्चा

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रुद्रपुर में फीका पड़ा कांग्रेस का दम, शैलजा के सम्मेलन में स्थानीय नेताओं की उपेक्षा बनी चर्चा

ख़बरीलाल खोज (मनीश बावा ) रुद्रपुर: उत्तराखंड की प्रभारी बनने के करीब ढाई वर्ष बाद कुमारी शैलजा के रुद्रपुर आगमन पर भले ही स्वागत जोरदार रहा, लेकिन जिला स्तरीय सम्मेलन कई सवाल छोड़ गया। भूरा रानी क्षेत्र के एक रिसॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस के दिग्गज नेता मंच पर नजर आए, मगर रुद्रपुर से गिने-चुने चेहरों को ही जगह मिल पाई।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होने के बाद हुए इस सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक तिलक राज बेहड़, चुनाव समिति अध्यक्ष हरक सिंह रावत और उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। लेकिन मंच पर रुद्रपुर से सिर्फ जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा, महानगर अध्यक्ष ममता रानी और राजकुमार ठुकराल को ही स्थान मिला।
कार्यक्रम के दौरान एक और दिलचस्प स्थिति तब बनी जब ममता रानी को प्रारंभ में प्रभारी शैलजा के स्वागत की अनुमति नहीं मिली। बाद में खुद शैलजा से बात करने के बाद उन्हें स्वागत का अवसर दिया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष की चर्चा तेज हो गई।
सम्मेलन में स्थानीय भागीदारी भी बेहद सीमित रही। एक वरिष्ठ नेता के अनुसार रुद्रपुर से करीब 50 लोग ही कार्यक्रम में पहुंचे, जिनमें भी अधिकांश एक ही समुदाय से थे। यह स्थिति उस दावे के विपरीत नजर आई, जिसमें ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होने के बाद शहर में पार्टी के मजबूत होने की बात कही जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ नेत्री मीना शर्मा की नाराजगी और हरीश रावत के समर्थकों की दूरी भी कम भीड़ की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। इतना ही नहीं, भाजपा छोड़कर ठुकराल के साथ आए कुछ समर्थकों के भी अब दूरी बनाने की खबरें सामने आ रही हैं।
ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि कांग्रेस में शामिल हुए ठुकराल पार्टी की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाएंगे। फिलहाल यह सम्मेलन आयोजन के लिहाज से भले सफल रहा हो, लेकिन रुद्रपुर में कांग्रेस की जमीनी मजबूती पर सवाल जरूर खड़े कर गया है।

editorkhabrilal


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