Breaking News

भू-कानून के घेरे में एक और मामला, पुत्र के बाद पिता पर भी उठे सवाल

भू-कानून के घेरे में एक और मामला, पुत्र के बाद पिता पर भी उठे सवाल

कुछ माह पहले सामने आए मामले की जांच अभी जारी, इसी बीच नया प्रकरण संज्ञान में; जमीन के खुर्द-बुर्द किए जाने और भू-कानून के नियमों के उल्लंघन के आरोप

Advertisement

खबरीलाल खोज (मनीश बावा )रुद्रपुर। उत्तराखंड में जमीन की खरीद-फरोख्त और भू-कानून के नियमों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में कुछ माह पहले सामने आए एक प्रकरण को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर जांच की मांग की गई थी। संबंधित मामला अभी जांच के दायरे में ही है कि इसी बीच इसी तरह का एक और नया मामला संज्ञान में आया है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन के मामलों में नियमों को दरकिनार कर भू-संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया जा रहा है। खास बात यह है कि नए प्रकरण में पुत्र के बाद पिता की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि पूरे मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

मामला सामने आने के बाद अब प्रशासन के सामने यह चुनौती है कि दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाया जाए कि संबंधित जमीन का हस्तांतरण किस आधार पर हुआ, भूमि का मूल स्वरूप क्या था और पूरी प्रक्रिया में उत्तराखंड भू-कानून के प्रावधानों का पालन किया गया या नहीं।

पहले मामले की जांच पूरी भी नहीं हुई, दूसरा प्रकरण सामने

सूत्रों के अनुसार, कुछ माह पूर्व भी जमीन से जुड़े एक मामले में प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत देकर जांच की मांग की गई थी। उस मामले में जांच प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच दूसरा मामला सामने आने से भूमि कानूनों के पालन और जमीनों की खरीद-फरोख्त की निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।

अब शिकायतकर्ता प्रशासन से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच, जमीन के पूर्व और वर्तमान स्वामित्व की पड़ताल तथा राजस्व अभिलेखों के सत्यापन की मांग कर रहे हैं।

दस्तावेजों की जांच से खुलेगा पूरा राज

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी राजस्व अभिलेख और जमीन से संबंधित दस्तावेज बताए जा रहे हैं। यदि दस्तावेजों में नियमों के विपरीत कोई प्रक्रिया सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।

फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। लेकिन एक के बाद एक सामने आ रहे ऐसे मामलों ने उत्तराखंड में भू-कानून की निगरानी और उसके प्रभावी अनुपालन को लेकर बहस जरूर तेज कर दी है।

बड़ा सवाल

क्या जमीन के खेल में नियमों की अनदेखी कर भू-कानून को दरकिनार किया जा रहा है…..?

इसका जवाब प्रशासनिक जांच और राजस्व अभिलेखों की पड़ताल के बाद ही सामने आएगा। मामले में जल्द ही दस्तावेजों के आधार पर एक और बड़ा खुलासा सामने आने की संभावना है।

Advertisement
❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.