पिस्टल से चली गोली, वीडियो वायरल, बयान भी दर्ज… फिर अंतिम रिपोर्ट क्यों….
फायरिंग मामले की विवेचना पर गंभीर सवाल, भाईचारा एकता मंच के अध्यक्ष ने एसएसपी से मांगी विशेष जांच
खबरीलाल खोज (मनीश बावा)रुद्रपुर। लाइसेंसी पिस्टल से कथित हवाई फायरिंग के वायरल वीडियो से शुरू हुआ मामला अब पुलिस विवेचना पर सवालों के घेरे में आ गया है। भाईचारा एकता मंच के केंद्रीय अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि मामले में उपलब्ध महत्वपूर्ण साक्ष्यों के बावजूद विवेचना के बाद अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी गई। उन्होंने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार थाना रुद्रपुर में चार नवंबर 2024 आयुध अधिनियम के तहत आंचल ढींगरा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की तहरीर में सोशल मीडिया पर वायरल उस वीडियो का उल्लेख था, जिसमें एक महिला लाइसेंसी पिस्टल से फायर करती दिखाई दे रही थी। शिकायत के मुताबिक जांच में महिला की पहचान आंचल ढींगरा के रूप में हुई और फायरिंग की घटना 31 अक्टूबर 2024 की दीपावली की रात करतारपुर फार्म हाउस, गदरपुर की बताई गई थी।
बयान में फायरिंग की बात स्वीकार करने का दावा
शिकायतकर्ता ने विवेचना में दर्ज बयानों का हवाला देते हुए कहा है कि 15 नवंबर 2024 को पुलिस द्वारा दर्ज आंचल ढींगरा के बयान में उन्होंने अपने भाई रोहित हुड़िया उर्फ लवली हुड़िया की लाइसेंसी पिस्टल से फायर करने की बात स्वीकार की थी। यह भी बताया गया कि उनके पति ने फायरिंग का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था।
शिकायतकर्ता का दावा है कि पिस्टल स्वामी के बयान में भी इस तथ्य का समर्थन किया गया। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि जब वायरल वीडियो और बयानों समेत महत्वपूर्ण सामग्री विवेचना का हिस्सा थी, तो मामले में आठ अप्रैल 2025 को अंतिम रिपोर्ट किस आधार पर प्रस्तुत की गई?
लाइसेंसिंग प्राधिकारी को रिपोर्ट पर भी सवाल
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि लाइसेंसी हथियार के कथित अनधिकृत उपयोग के संबंध में लाइसेंसिंग प्राधिकारी को आयुध अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आवश्यक सूचना/रिपोर्ट नहीं भेजी गई। शिकायतकर्ता ने इसे भी जांच का विषय बताते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की मांग की है।
‘अभियुक्तों को लाभ पहुंचाने’ का लगाया आरोप
भाईचारा एकता मंच के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विवेचना में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों का समुचित विधिक मूल्यांकन किए बिना अंतिम रिपोर्ट दाखिल की गई, जिससे अभियुक्तों को लाभ पहुंचा। उन्होंने एसएसपी से वर्तमान विवेचना से अलग विशेष जांच टीम गठित कर पूरे प्रकरण की केस डायरी और विवेचना की समीक्षा कराने की मांग की है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना शेष है।
24 सितंबर को न्यायालय में सुनवाई
प्रार्थना पत्र के अनुसार अंतिम रिपोर्ट से संबंधित प्रकीर्ण फौजदारी वाद द्वितीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, रुद्रपुर की अदालत में विचाराधीन है। मामले में अगली तिथि 24 सितंबर 2026 निर्धारित है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि न्यायालय की प्रक्रिया में हस्तक्षेप किए बिना पुलिस स्तर पर विवेचना में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।


