पहाड़ के युवाओं को नशे की डोज पहुंचाने वालों पर चला पुलिस का डंडा,बहेड़ी के हिस्ट्रीशीटर से जुड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, छह तस्कर दबोचे, व्हाट्सएप चैट से खुला राज
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री के नशामुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत ऊधम सिंह नगर पुलिस ने नशा तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। पुलभट्टा पुलिस द्वारा बहेड़ी सीमा पर पकड़े गए कुख्यात नशा तस्कर सद्दाम हुसैन से पूछताछ और उसके मोबाइल की व्हाट्सएप चैट व कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने अल्मोड़ा, नैनीताल और पिथौरागढ़ तक फैले नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई से बहेड़ी से लेकर पिथौरागढ़ के झुलाघाट तक सक्रिय ड्रग सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है।
पुलभट्टा पुलिस ने 30 सितंबर को बहेड़ी और ऊधम सिंह नगर सीमा पर संदिग्ध अवस्था में स्विफ्ट डिजायर कार सवार सद्दाम हुसैन निवासी इस्लामनगर, बहेड़ी को पकड़ा था। तलाशी में उसके कब्जे से छह गत्ते के डिब्बों में 150 प्रतिबंधित बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन, दो मोबाइल फोन और 3500 रुपये बरामद हुए थे। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22/60 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मोबाइल ने खोले पहाड़ तक फैले नेटवर्क के तार
जांच में सामने आया कि सद्दाम बहेड़ी का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ बरेली व ऊधम सिंह नगर में नशा तस्करी समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार उसके मोबाइल में नशीले पदार्थों की सप्लाई से संबंधित व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल मिलीं। इनमें अल्मोड़ा, नैनीताल और पिथौरागढ़ क्षेत्र के संपर्क सामने आने के बाद एसएसपी अजय गणपति ने नेटवर्क की तह तक जाने के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय किया।
इसके बाद ऊधम सिंह नगर पुलिस की टीमें संबंधित जिलों में पहुंचीं और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22/29 के तहत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया।
कोई क्लर्क, कोई मेडिकल स्टोर संचालक तो कोई शराब की दुकान पर सेल्समैन
गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में नशे के कारोबार का चौंकाने वाला स्वरूप सामने आया। पुलिस के अनुसार अल्मोड़ा निवासी अक्षय सरकारी स्कूल में क्लर्क है और खुद स्मैक का आदी होने के साथ उसकी बिक्री भी करता था। वह बहेड़ी से स्मैक लाकर अल्मोड़ा में बेचने की बात स्वीकार कर चुका है।
हल्द्वानी के दमुवाढूंगा निवासी सौरभ मेडिकल स्टोर चलाता है। पुलिस के अनुसार वह मेडिकल स्टोर की आड़ में स्मैक बेचता था और बहेड़ी के सद्दाम से व्हाट्सएप कॉल व मैसेज के जरिए संपर्क करता था।
अल्मोड़ा निवासी पीयूष भी पुलिस के अनुसार लंबे समय से स्मैक की तस्करी में शामिल था। पूछताछ में उसने बहेड़ी से स्मैक लाने और नशेड़ियों को बेचने की बात बताई।
पिथौरागढ़ निवासी भूपेंद्र सिंह मेहता शराब की दुकान में सेल्समैन है। पुलिस के अनुसार वह बहेड़ी से स्मैक खरीदकर पिथौरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बेचता था।
बेटे जेल गए तो मां भी उतर गई नशे के कारोबार में
इस कार्रवाई में गिरफ्तार यशोदा टम्टा का मामला भी पुलिस ने गंभीर बताया है। पूछताछ में उसके दो बेटों के नशे के मामलों में जेल जाने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार बेटों के मुकदमों का खर्च उठाने के लिए यशोदा ने भी बहेड़ी से स्मैक और नशीले इंजेक्शन लाकर बेचने का काम शुरू कर दिया। वह सद्दाम से फोन और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करती थी।
पिथौरागढ़ के झूलाघाट निवासी रवि थापा भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पुलिस के अनुसार वह बहेड़ी से स्मैक खरीदकर खुद इस्तेमाल करने के साथ झूलाघाट क्षेत्र और कुछ नेपाली युवाओं को भी बेचता था। उसके खिलाफ देहरादून में पूर्व में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है।
सद्दाम पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस के मुताबिक सद्दाम हुसैन के खिलाफ बहेड़ी और पुलभट्टा थानों में नशा तस्करी व आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं। वह वर्ष 2017 में भी पुलभट्टा थाना क्षेत्र से नशा तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस के अनुसार बहेड़ी थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली है।
एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई को पुलिस पहाड़ी जिलों में नशे की सप्लाई रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण मान रही है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और नशा तस्करी की पूरी चेन तक पहुंचने का प्रयास जारी है।
पुलिस की अपील: नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की जानकारी मिलने पर आमजन पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।


