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भारत के अग्रणी संस्थानों में शुमार

भारत के अग्रणी संस्थानों में शुमार

मेडिकल सेक्टर में फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री रीढ़ की मानिंद है। कोविड-19 के दौर में भी भारतीय फार्मा कंपनियों ने अपनी उत्पादन क्षमता के बूते पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवाया है। दुनिया में जेनेरिक दवाइयों का भारत सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। वैश्विक निर्यात में इंडिया की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 2023-24 में इसका मूल्य 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर था और 2030 तक 130 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि किसी युवा का सपना है, वह फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में अपना करियर बनाए तो उसे बी फार्म, एम फार्म, फार्म डी, पीएचडी सरीखें प्रोग्राम्स में प्रवेश लेना होगा। टीएमयू में फार्माकोग्नॉसी, फार्मास्युटिक्स, फार्माकोलॉजी, फार्मास्युटिकल एनालिसिस में एम फार्मा करने की सुविधा है। टीएमयू फार्मेसी कॉलेज के सभी कार्यक्रम फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया- पीसीआई द्वारा अनुमोदित हैं। नॉर्थ इंडिया के अग्रणी फार्मेसी संस्थानों में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी का कॉलेज ऑफ फार्मेसी भी शुमार होता है। टीएमयू का फार्मेसी कॉलेज स्टुडेंट्स को इंडस्ट्रियल, डाग्नोसिस और रिसर्च क्षेत्रों में स्वर्णिम भविष्य के लिए सघनता से तैयार करता है। कहने का अभिप्राय यह है, उच्च तकनीक से सुसज्जित लैब्स के जरिए स्टुडेंट्स को प्रयोगात्मक और व्यावहारिक दक्षता प्रदान की जाती है। टीएमयू मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में छात्रों को न केवल लाइव अनुभव मिलता है, बल्कि फार्मा कंपनियों के संग एमओयू से वैश्विक एक्सपोजर भी प्राप्त होता है।

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तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन कहती हैं, टीएमयू का फार्मेसी कॉलेज अपनी विशेषताओं, आधुनिक सुविधाओं, पुरस्कारों, उपलब्धियों से लबरेज है। टीएमयू का फार्मेसी कॉलेज यूपी का पहला ड्रग इंफॉर्मेशन सेंटर है। यह केंद्र स्टुडेंट्स को फार्माकोविजिलेंस में ड्रग इंफॉर्मेशन रिट्रीवल और विश्लेषण में कौशल विकसित करने के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। सीसीएसईए की ओर से अप्रूवड एनिमल हाऊस भी है, जिसमें पीजी स्टुडेंट्स और रिसर्चर्स नवीन दवाइयों और फार्मूलेशन का परीक्षण करते हैं। डॉक्टर इन फार्मेसी उत्तर प्रदेश में केवल छह फार्मेसी संस्थानों में संचालित है, जिसमें से टीएमयू का फार्मेसी कॉलेज एक है। प्रतिष्ठित दवा कंपनियों और संस्थानों के संग एमओयू, इंटरनेशनल और नेशनल कॉन्फ्रेंस, देश और दुनिया के जाने-माने फार्मेसी एक्सपर्ट्स के व्याख्यान, इंडस्ट्रियल विजिट कॉलेज की उच्च प्राथमिकताओं में शुमार है। सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग के लिए सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डवलपमेंट- सीटीएलडी स्थापित है। समय-समय पर लीडरशिप टॉक सीरीज कराई जाती है, जिसमें देश-दुनिया के जाने-माने एक्सपर्ट्स अपने अनुभवों को साझा करते हैं। आईआईसी और बीआईसी- इन्नोवेशन और इक्यूबेशन सेंटर्स यूनिवर्सिटी कैंपस में खुले हुए हैं। इनके जरिए स्टुडेंट्स के एंटरप्रेन्योरशिप की राह आसान हो जाती है। टीएमयू के फार्मेसी एल्युमिनाई न केवल देश की जानी-मानी फार्मा कंपनियों में यूनिवर्सिटी का नाम रोशन कर रहे हैं। इनके अलावा फार्मेसी के स्टुडेंट्स उच्च शिक्षा के लिए देश-विदेश में अध्ययनरत हैं।

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