थाने में शिकायतें अनसुनी, SSP ने दिखाई सख्ती— 2 महिला कांस्टेबल निलंबित,जांच के आदेश

ख़बरीलाल खोज (मनीश बावा) ऊधमसिंहनगर। महिला सुरक्षा और अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए महिला हेल्प डेस्क पर तैनात दो महिला कांस्टेबलों को लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
प्रकरण के अनुसार, 06 मई 2026 को एक आवेदिका ने पुलिस कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग पुत्री को अभियुक्त यश प्रताप सिंह द्वारा 17 अप्रैल 2026 को बहला-फुसलाकर रुद्रपुर क्षेत्र से ले जाया गया। आरोप है कि पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना के कारण वह गर्भवती हो गई।
आवेदिका का कहना है कि उसने इस गंभीर मामले की शिकायत कोतवाली रुद्रपुर, कोतवाली पंतनगर तथा महिला हेल्प डेस्क में कई बार दी, लेकिन कहीं भी नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतों पर कथित उदासीनता सामने आने के बाद मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला हेल्प डेस्क, कोतवाली रुद्रपुर में तैनात म०हे०कानि० पायल आर्या तथा म०कानि० मंजू आर्या को निलंबित कर दिया।
इसके साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच क्षेत्राधिकारी पंतनगर को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि 07 दिनों के भीतर प्रारंभिक आख्या प्रस्तुत करें।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि जनपद में महिला अपराधों के प्रति “शून्य सहनशीलता” की नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत पर त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

