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मेयर विकास शर्मा के विरुद्ध होगी जनहित याचिका, नजूल पर कब्जा, चुनाव में दिया झूठा शपथ पत्र, मुख्यमंत्री के नाम पर कर रहे हैं गरीबों का उत्पीड़न- केपी गंगवार

रुद्रपुर। नगर निगम रुद्रपुर के मेयर जिन गरीब बस्ती वालों के वोटो से मेयर बने हैं उन्हीं का उत्पीड़न कर रहे हैं माननीय उच्च न्यायालय के आदेश को जनता के सामने तोड़- मरोड़ कर पेश करते हुए 1980 से किच्छा रोड रमपुरा में स्थित मां काली,बाबा भैरवनाथ के मंदिर को ध्वस्त कर दिया है और वही चंद्रदेव मंदिर के निर्माण का कार्य करा रहे हैं इसके अलावा स्वयं शैलजा फॉर्म के खसरा संख्या 66,67,68 की सैकड़ो की करोड़ों की नजूल की जमीन पर खुद कब्जा जमाए बैठे हैं।
उल्लेखनीय है कि विकास शर्मा, रामपाल सिंह व अन्य ने शैलजा फॉर्म वार्ड नंबर 12 के खसरा संख्या 66,67, 68 की नजूल भूमि पर कब्जा कर वहां नीलकंठ धाम बनाकर कब्जा कर रखा है।नगर निगम ने वर्ष 2021 में विकास शर्मा को कब्जा हटाने का नोटिस भी दिया है इसके अतिरिक्त वर्ष 2013 में वहां से लाखों रुपए के के पेड़ काटकर रातों-रात गायब किया जिसका मुकदमा भी पंजीकृत हुआ है इसके बावजूद निगम चुनाव के नामांकन में सरकारी जमीन पर कब्जा न होने का शपथ पर दिया गया है। शहर की 80% जनता नजूल पर बसी है जहां बिजली कनेक्शन, राशन कार्ड आदि सभी सुविधाएं बंद कर दी गई हैं तो शैलजा फार्म पर किस तरह से सभी सुविधाएं मिल रही हैं।
मेयर विकास शर्मा की वजह से ही नगर निगम गरीब बस्तियों पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई कर रहा है वहीं पूंजी पतियों पर मेहरबान है काशीपुर बायपास खाली करने का माननीय उच्च न्यायालय का वर्षों पुराना आदेश है कार्रवाई की बजाय मेयर विकास शर्मा मुख्यमंत्री जी से उन्हें राहत देने की मांग कर रहे हैं किच्छा रोड पर जो नजूल भूखंड को खाली करने के लिए माननीय उच्च न्यायालय का आदेश बता रहे हैं उसमे मा उच्च न्यायालय द्वारा सिर्फ न्यायालय की कार्रवाई समाप्त करने का आदेश दिया है क्योंकि के पी गंगवार द्वारा स्वयं ही मुकदमा वापस लिया गया है जिससे नजूल नीति की फाइल पूरी की जा सके अपर जिलाधिकारी नजूल एवं स्वयं नगर निगम व राष्ट्रीय राजमार्ग ने नजूल नीति में फ्री होल्ड की फाइल दाखिल करने के आदेश दिए हैं और कहा था कि न्यायालय की कार्रवाई बंद करने के बाद ही नजूल नीति पर कार्रवाई हो सकेगी माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम पर मेयर विकास शर्मा द्वारा नगर निगम में भी दर्जनों कार्य नियम विरुद्ध किए गए हैं अब सभी मामलों में कार्रवाई एवं शैलजा फॉर्म की नजूल भूमि खाली कराए जाने को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की जाएगी

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