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ऑपरेशन कामधेनु के तहत गोवंश छोड़ने वालों पर होगी एफआईआर

ऑपरेशन कामधेनु के तहत गोवंश छोड़ने वालों पर होगी एफआईआर

 

रुद्रपुर: विकास भवन सभागार में शुक्रवार को उत्तराखण्ड गो सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. पं. राजेन्द्र अणथ्वाल की अध्यक्षता में निराश्रित गौवंश संरक्षण एवं पशु क्रूरता रोकने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गौशालाओं की स्थिति, निराश्रित गोवंश के प्रबंधन और पशु क्रूरता पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष जोशी ने बताया कि जनपद में उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड से मान्यता प्राप्त पांच गौशालाएं संचालित हैं, जबकि सात नई गौशालाओं के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि ग्राम्य गौ सेवक योजना के तहत पांच निराश्रित नंदी गोवंश के संरक्षण पर प्रतिदिन 80 रुपये प्रति नंदी की सहायता दी जा रही है। वर्तमान में 25 ग्राम्य गोसेवक पांच-पांच निराश्रित नर नंदी गोवंश को संरक्षण दे रहे हैं।
बैठक में आयोग अध्यक्ष ने गोवंश के प्रति अपराध करने वाले असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सरकारी एवं निजी गौशालाओं का अनिवार्य पंजीकरण और वित्तीय ऑडिट सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही गोवंश को लावारिस छोड़ने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर “ऑपरेशन कामधेनु” अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रत्येक गोवंश की डिजिटल टैगिंग और अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक 25 गांव की दूरी पर गौशाला और नंदीशाला स्थापना के संबंध में उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराया जाए। गौशालाओं में कार्यरत कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन तथा गोवंश के साथ यौन शोषण एवं पशु क्रूरता जैसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत गणेश कुमार भट्ट, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हरजीत सिंह, संसद प्रतिनिधि विपिन जल्होत्रा, सदस्य पशु क्रूरता निवारण समिति प्रथम बिष्ट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं नगर आयुक्त काशीपुर, उपजिलाधिकारी, पशुचिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और नगर निकायों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

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