फर्जी फाइनेंस कर्मी बनकर करते थे लूट, पुलिस ने तमंचे और नकदी के साथ दबोचा गैंग

काशीपुर। हाईवे पर डम्पर चालकों को निशाना बनाकर खुद को फाइनेंस कम्पनी का कर्मचारी बताने वाले शातिर लुटेरों के गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में कोतवाली आईटीआई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, लूट की नकदी और घटना में प्रयुक्त आई-20 कार बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार 18 जून को रामनगर से मुरादाबाद जा रहे डम्पर चालक को बल्ली ढाबा के पास दो कारों ने रोक लिया। आरोपियों ने मारपीट कर तमंचे के बल पर 11 हजार रुपये लूट लिए। इसी दिन देर रात बांसखेड़ा पुल के नीचे एक अन्य डम्पर चालक को फाइनेंस कम्पनी का कर्मचारी बताकर रोका गया और तमंचा दिखाकर 24 हजार रुपये लूट लिए गए।
दोनों घटनाओं के संबंध में कोतवाली आईटीआई में मुकदमे दर्ज कर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 25 जून को जैतपुर घोसी क्षेत्र से आई-20 कार में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरमेज सिंह उर्फ विक्की निवासी सितारगंज तथा गुरविन्दर सिंह निवासी किच्छा के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने डम्पर चालकों को फाइनेंस कम्पनी का कर्मचारी बताकर तमंचे के बल पर लूट की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध 315 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस, 15 हजार रुपये नगद और घटना में प्रयुक्त आई-20 कार बरामद की है।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई व्यक्ति फाइनेंस कम्पनी का कर्मचारी बनकर वाहन रोकने या अवैध वसूली का प्रयास करे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

