चोरी की भैंसें गायब, समझौते का दबाव हाजिर, गदरपुर पुलिस पर गंभीर आरोप,एसएसपी दरबार पहुँचे सैकड़ो लोग

ख़बरीलाल खोज (मनीश बावा) रुद्रपुर: जनपद ऊधम सिंह नगर के थाना गदरपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बमनपुरी निवासी राजेन्द्र सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर भैंस चोरी प्रकरण में पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि चोरी के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और वाहन बरामदगी के बावजूद प्रकरण को कमजोर करने तथा समझौते का दबाव बनाया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 की रात अज्ञात चोरों ने राजेन्द्र सिंह की तीन भैंसें चोरी कर ली थीं। पीड़ित परिवार के अनुसार उक्त भैंसें उनकी आजीविका का मुख्य साधन थीं। घटना की सूचना थाना गदरपुर पुलिस को दी गई थी, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने 17 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक अपराध (SP Crime) रुद्रपुर से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी।
बताया गया है कि एसपी क्राइम के निर्देश के बाद थाना गदरपुर, सकेनियाँ चौकी एवं SOG काशीपुर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा चोरी में प्रयुक्त महिंद्रा पिकअप वाहन संख्या UP25 GT 5930 भी बरामद कर लिया।
पीड़ित राजेन्द्र सिंह ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि 19 मई 2026 की रात करीब 8 बजे सकेनियाँ चौकी इंचार्ज विजय कुमार एवं एक कॉन्स्टेबल जीवन ने उन्हें चौकी बुलाया और 60 से 70 हजार रुपये लेकर समझौता करने का दबाव बनाया। शिकायत में कहा गया है कि जब उन्होंने अपनी भैंसों की बरामदगी अथवा उचित मुआवजे की मांग की तो पुलिस कर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और धमकाया।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से एक आरोपी को छोड़ दिए जाने की सूचना मिली, जिससे पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं 21 मई 2026 को पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के अंतर्गत चालान पेश किया गया। साथ ही बरामद वाहन का बीमा न होने और नंबर प्लेट पर काला रंग लगाकर नंबर छिपाने का भी चालान किया गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि गंभीर चोरी के मामले को कमजोर करने, साक्ष्यों को प्रभावित करने तथा समझौते का दबाव बनाने का प्रयास किया गया है। मामले में उन्होंने एसएसपी से निष्पक्ष जांच कराने, चोरी हुई भैंसों की बरामदगी या बाजार मूल्य की भरपाई कराने, आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की है। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।

