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786.73 करोड़ के मास्टर ड्रेनेज प्लान पर श्रेय की जंग तेज, विधायक ने चार साल के प्रयास गिनाए, महापौर ने भी बताया अपनी मेहनत का परिणाम

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786.73 करोड़ के मास्टर ड्रेनेज प्लान पर श्रेय की जंग तेज, विधायक ने चार साल के प्रयास गिनाए, महापौर ने भी बताया अपनी मेहनत का परिणाम

 

ख़बरीलाल खोज (मनीश बावा) रुद्रपुर। शहर की वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ी पहल माने जा रहे मास्टर ड्रेनेज प्लान को लेकर अब राजनीतिक श्रेय की जंग भी तेज हो गई है। 786.73 करोड़ रुपये की परियोजना के प्रथम चरण के लिए 441.79 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद भाजपा के विधायक शिव अरोरा और महापौर विकास शर्मा, दोनों अपनी-अपनी भूमिका को प्रमुखता से सामने रख रहे हैं।
विधायक शिव अरोरा ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दावा किया कि वर्ष 2022 में विधायक बनने के बाद उन्होंने रुद्रपुर के लिए 13 प्रमुख संकल्प लिए थे, जिनमें जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 की भीषण जल त्रासदी के बाद उन्होंने तय किया था कि यदि जनता उन्हें सेवा का अवसर देगी तो मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार कराकर इस समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा। विधायक बताया कि 31 अक्टूबर 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपे गए दस सूत्रीय प्रस्ताव में मास्टर ड्रेनेज प्लान प्रमुख बिंदु था। इसके बाद 22 नवंबर 2022 को सर्वे कार्य की प्रगति की जानकारी मांगी गई। 30 दिसंबर 2022 को सिंचाई विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वीकेएस इंफ्राटेक को 76 लाख रुपये में सर्वे का कार्य दिया गया और 245 दिनों में सर्वे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
विधायक ने बताया कि 17 मई 2023 को मुख्यमंत्री ने इस योजना को अपनी घोषणाओं में शामिल किया। इसके बाद एक जनवरी 2024 को योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का अनुरोध किया गया। 30 अगस्त 2024 को विधानसभा में नियम-53 के तहत भी यह मामला उठाया गया। दो नवंबर 2024 को सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज को पत्र लिखकर योजना की प्रगति की जानकारी मांगी गई। विभाग ने बताया कि चौथे चरण का सर्वे पूरा होने के बाद 15 जनवरी 2025 को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रस्तुत कर दी गई।
विधायक के अनुसार प्रारंभिक डीपीआर लगभग 908 करोड़ रुपये की थी, जिसमें पहले चरण के लिए 517 करोड़ रुपये का प्रस्ताव था। उन्होंने बताया कि 10 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर पहले चरण की डीपीआर स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया। इसके बाद तकनीकी परीक्षण और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने संशोधित परियोजना लागत 786.73 करोड़ रुपये स्वीकार करते हुए प्रथम चरण के लिए 441.79 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 184.41 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर जारी किए जाएंगे। योजना के तहत वार्ड संख्या 1 से 13, 16 से 22 तथा 27 से 39 तक ट्रांजिट कैंप, रमपुरा, खेड़ा, संजय नगर खेड़ा, जगतपुरा, आवास विकास, रवींद्र नगर, दूधिया नगर, बिगवाड़ा, इंदिरा कॉलोनी, घास मंडी और गांधी कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में 23 पुराने नालों का पुनर्निर्माण तथा 61 नए नालों का निर्माण किया जाएगा। कुल 84 नालों का लगभग 21.9 किलोमीटर नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि यह परियोजना किसी एक दिन का परिणाम नहीं, बल्कि चार वर्षों के लगातार प्रयास, पत्राचार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सहयोग से संभव हो सकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासनादेश जल्द जारी होने के बाद इसी वर्ष निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
उधर, महापौर विकास शर्मा की ओर से भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक संदेशों में मास्टर ड्रेनेज प्लान की स्वीकृति को उनकी मेहनत का परिणाम बताया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना रुद्रपुर को जलभराव से राहत दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि जिस परियोजना को लेकर विधायक शिव अरोरा पिछले चार वर्षों से लगातार प्रयास करने का दावा कर रहे हैं, उसी परियोजना पर अब महापौर के एक वर्ष के कार्यकाल में भी श्रेय लेने की होड़ दिखाई दे रही है। दोनों जनप्रतिनिधियों के समर्थक अपने-अपने नेताओं की भूमिका को प्रमुख बता रहे हैं। फिलहाल रुद्रपुर की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लंबे समय से प्रतीक्षित मास्टर ड्रेनेज प्लान का शासनादेश कब जारी होता है और निर्माण कार्य कितनी शीघ्रता तथा गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतरता है। यदि योजना समयबद्ध तरीके से पूरी होती है तो हर मानसून में जलभराव से जूझने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


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