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हिस्ट्रीशीटर तारा सिंह के अवैध साम्राज्य पर चला बुलडोजर, 50 लाख की सरकारी जमीन कराई मुक्त

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हिस्ट्रीशीटर तारा सिंह के अवैध साम्राज्य पर चला बुलडोजर, 50 लाख की सरकारी जमीन कराई मुक्त

खटीमा/नानकमत्ता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को अमल में लाते हुए ऊधम सिंह नगर पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत शनिवार को नानकमत्ता क्षेत्र में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर एवं गैंगस्टर तारा सिंह के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया।


तहसील प्रशासन, सिंचाई विभाग, पुलिस, पीएसी और फायर सर्विस की संयुक्त टीम ने नानकसागर बांध क्षेत्र में स्थित लगभग दो एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। अधिकारियों के अनुसार मुक्त कराई गई भूमि का बाजार मूल्य 50 लाख रुपये से अधिक है।
पुलिस जांच में सामने आया कि डकैती, लूट, अपहरण, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत 27 मुकदमों में नामजद तारा सिंह और उसके परिजनों ने सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कर रखा था। आरोप है कि इस स्थान का उपयोग लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होने और नोटिस जारी किए जाने के बाद शनिवार को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अवैध मकान को ध्वस्त कर दिया। अभियान के दौरान एक अवैध धार्मिक संरचना (मजार) को भी हटाया गया।
अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर लगातार जारी है कार्रवाई
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जनपद में नशा तस्करों, गैंगस्टरों और संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें ध्वस्त करने तथा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊधम सिंह नगर में अपराध और नशे के कारोबार के लिए कोई स्थान नहीं है तथा ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
27 मुकदमों वाला अपराधी, परिवार के कई सदस्य भी मुकदमों में नामजद
पुलिस के अनुसार तारा सिंह के विरुद्ध वर्ष 2001 से लेकर 2026 तक डकैती, लूट, अपहरण, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत 27 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं उसकी पत्नी और अन्य परिजनों के विरुद्ध भी एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं।


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