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नेशनल टेस्टिंग ऐजेंसी की टाप लीडरशिप के कारण 23 लाख युवाओं के सपनों पर टूटा कहर, दोषियों पर हो राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुकद्मा दर्ज सुशील गाबा

नेशनल टेस्टिंग ऐजेंसी की टाप लीडरशिप के कारण 23 लाख युवाओं के सपनों पर टूटा कहर, दोषियों पर हो राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुकद्मा दर्ज सुशील गाबा

ख़बरीलाल खोज (मनीश बावा) रूद्रपुर – सामाजिक कार्यकर्ता व पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष सुशील गाबा नें आज प्रेस वार्ता कर के लिये नीट परीक्षा के पेपर लीक होनें के कारण पूरा पेपर रद्द किये जाने को 23 लाख युवाओं के सपनों पर कहर करार देते हुये नेशनल टेस्टिंग ऐजेंसी को बंद करनें व इसकी टाप लीडरशिप पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुक‌द्मा दर्ज करनें की मांग की।

समाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा नें कहा कि नेशनल टेस्टिंग ऐंजेंसी द्वारा आयोजित भारतीय चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये किये जाने वाली नीट परीक्षा में इस वर्ष 23 लाख युवाओं नें अनेकों माह तक खून पसीना, दिन रात एक कर तैयारी करनें के बाद परीक्षा दी। अब पेपर लीक के कारण इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया है, यह 23 लाख युवाओं के साथ धोखा है। श्री गाबा नें कहा कि इस परीक्षा के पेपर लीक होनें के पीछे नेशनल टेस्टिंग ऐंजेंसी की टाप लीडरशिप है। एनटीए की टाप लीडरशिप नें कोचिंग संस्थानों, अमीर लोगो, बड़े बिजनेसमेनों व बड़े अफसरों के बच्चों को मेडिकल संस्थानों में अवैध प्रवेश के लिये यह पूरा षडयंत्र रचा है।

श्री गाबा नें मांग की कि नेशनल टेस्टिंग ऐजेंसी से पेपर किस तरह लीक हुआ, किसनें लीक किया, उसकी पूरी जांच सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान जज के नेतृत्व में कर दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही हो।

इस दौरान जगदीश तनेजा, हैप्पी रंधावा, सचिन मुंजाल, मोनू निषाद, जावेद अख्तर, करन कुमार आदि मौजूद थे।

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