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सरस आजीविका मेला (यू.एस. नगर कार्निवाल) के पंचम दिवस पर जनजातीय सांस्कृतिक संध्या में झूम उठा रुद्रपुर

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सरस आजीविका मेला (यू.एस. नगर कार्निवाल) के पंचम दिवस पर जनजातीय सांस्कृतिक संध्या में झूम उठा रुद्रपुर
रुद्रपुर। 14 फरवरी से आयोजित सरस आजीविका मेला (यू.एस. नगर कार्निवाल) के पाँचवें दिवस पर जनजातीय सांस्कृतिक संध्या ने मेले में पहुंचे जनसमूह को मनोरंजन, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत हिमनाद बैण्ड की शानदार प्रस्तुति से हुई, जिसने दर्शकों को देर तक झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने ग्रामोत्थान रीप परियोजना के अंतर्गत 51 पशु सखियों को मोबाइल फोन वितरित किए। साथ ही विकास खण्ड रुद्रपुर की प्रतिभा सीएलएफ बंडिया, रुद्रा सीएलएफ नारायणपुर, आजाद सीएलएफ बरा एवं नारी शक्ति सीएलएफ बिगवाड़ा को 6-6 लाख रुपये की अनुदान राशि के चेक प्रदान किए।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाते हुए 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की है, जो सुशासन और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मेले के मात्र पाँच दिनों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा लगभग 5 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री की जा चुकी है। यह उपलब्धि सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की सफलता को दर्शाती है। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे प्रसिद्ध लोक कलाकार राकेश खनवाल, जिनकी ऊर्जावान प्रस्तुति ने पूरे आयोजन स्थल को उत्सवमय बना दिया। दर्शक देर रात तक उनके गीतों पर थिरकते नजर आए।
इस अवसर पर मेयर विकास शर्मा, एसटी आयोग की अध्यक्ष लीलावती राणा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, उपजिलाधिकारी ऋचा सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
सरस आजीविका मेला न केवल ग्रामीण उत्पादों और स्वरोज़गार को बढ़ावा देने का सशक्त मंच बन रहा है, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सहभागिता का केंद्र भी साबित हो रहा है। पंचम दिवस की यह सांस्कृतिक संध्या मेले की सफलता को नई ऊंचाइयों तक ले गई और जनसमूह के लिए यादगार बन गई।


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