सड़कों पर चेकिंग, गलियों में कच्ची शराब… आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल

ख़बरीलाल खोज (मनीश बावा)ऊधम सिंह नगर : जनपद ऊधम सिंह नगर में आबकारी विभाग द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाने, अवैध शराब की भट्टियां ध्वस्त करने और बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। विभागीय टीमें सड़कों पर वाहनों की जांच कर कार्रवाई का दावा कर रही हैं, लेकिन यदि शहर रुद्रपुर की हकीकत देखी जाए तो तस्वीर कुछ और ही नजर आती है। शहर की कई गलियों और मोहल्लों में खुलेआम कच्ची शराब बिकने की चर्चाएं आम हैं।
सवाल यह उठता है कि जब विभाग लगातार अभियान चला रहा है तो आखिर शहर के भीतर अवैध कच्ची शराब का कारोबार कैसे फल-फूल रहा है? क्या कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है? सड़क पर चेकिंग और प्रेस नोटों तक सीमित अभियान क्या केवल खानापूर्ति है ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मोहल्लों में लंबे समय से कच्ची शराब की बिक्री हो रही है। जब भी कोई सामाजिक संगठन या मोहल्लेवासी इस मुद्दे को उठाते हैं तो कुछ दिनों तक प्रशासनिक हलचल दिखाई देती है, लेकिन उसके बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है। यह स्थिति अपने आप में कई सवाल खड़े करती है।
आखिर क्यों नहीं रुक पा रहा यह अवैध कारोबार? क्या इसके पीछे किसी बड़े संरक्षण का खेल चल रहा है? यदि नहीं, तो फिर खुलेआम हो रही बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती?
कच्ची शराब केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। जहरीली शराब से होने वाली घटनाएं पहले भी कई परिवारों को उजाड़ चुकी हैं। इसके बावजूद यदि शहर में खुलेआम यह कारोबार जारी है तो जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अब जरूरत केवल सड़क पर चेकिंग दिखाने की नहीं, बल्कि मोहल्लों और अंदरूनी क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करने की है, ताकि अवैध शराब कारोबार पर वास्तव में रोक लग सके।

